किसी के उतने ही रहो जितना वो तुम्हारा है। रिश्तों में संतुलन ही सच्चा अपनापन होता है। सच्चा रिश्ता वही है जो दोनों तरफ से बराबर निभाया जाए।
किसी के उतने ही रहो जितना वो तुम्हारा है। रिश्तों में संतुलन ही सच्चा अपनापन होता है। सच्चा रिश्ता वही है जो दोनों तरफ से बराबर निभाया जाए।