अकेले बैठकर बीते पलों को याद करना कभी-कभी इंसान को अंदर से तोड़कर रख देता है।
यह दर्दभरी हिंदी शायरी यादों के उस गहरे दर्द और अकेलेपन को बयां करती है।
अकेले बैठकर बीते पलों को याद करना कभी-कभी इंसान को अंदर से तोड़कर रख देता है।
यह दर्दभरी हिंदी शायरी यादों के उस गहरे दर्द और अकेलेपन को बयां करती है।