यह सुविचार अपनों से मिलने वाले धोखे और जीवन के कड़वे अनुभवों को बयां करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे अपनों के मुंह से खुद की बुराइयां सुनने के बाद इंसान मजबूरन सबसे दूरियां बना लेता है।
यह सुविचार अपनों से मिलने वाले धोखे और जीवन के कड़वे अनुभवों को बयां करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे अपनों के मुंह से खुद की बुराइयां सुनने के बाद इंसान मजबूरन सबसे दूरियां बना लेता है।