यह प्रेरणादायक विचार हमें बताता है कि सीमा अहंकार की होती है, जबकि समर्पण असीमित है। जीवन में सच्चा सुख और शांति समर्पण से ही मिलती है।
यह प्रेरणादायक विचार हमें बताता है कि सीमा अहंकार की होती है, जबकि समर्पण असीमित है। जीवन में सच्चा सुख और शांति समर्पण से ही मिलती है।